गुलाबी कांठा : 25 वर्षीय मीरा रावत का सपना बना ट्रेक ऑफ द ईयर 2025

गुलाबी कांठा: 25 वर्षीय मीरा रावत का सपना जिसने बदल दिया यमुनोत्री का पर्यटन भविष्य
उत्तराखंड की शांत वादियाँ, बर्फ से लदी चोटियाँ और प्रकृति की अनंत सुंदरता—इन सबको करीब से महसूस करने का सपना 25 वर्षीय युवा लड़की मीरा रावत ने बचपन से ही देखा था। हनुमान चट्टी के पास स्थित बाड़िया गांव की मीरा ने अपने पिता विजय सिंह रावत के साथ मिलकर एक ऐसे अनदेखे पर्यटन स्थल को दुनिया के सामने पेश किया, जिसे अंततः उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने 'ट्रेक ऑफ द ईयर 2025' घोषित कर दिया।
🌄 गुलाबी कांठा — एक अनोखा बुग्याल
इस नए स्थल का नाम है — गुलाबी कांठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पूरा हिमालय गुलाबी रंग में जगमगा उठता है, इसी कारण इसका नाम गुलाबी कांठा रखा गया।
🌱 मीरा का बचपन का सपना — साकार हुआ
मीरा जब नौवीं कक्षा में थी, तभी से वह अपने पिता के साथ इस अनछुई सुंदर जगह पर जाया करती थी। हर बार उसके मन में एक ही सवाल उठता था — ऐसी जगह को दुनिया क्यों नहीं देखती?
धीरे-धीरे यही सवाल उसके जीवन का लक्ष्य बन गया।
🏔 पर्यटन सीखने की यात्रा — सांकरी से केदारकांठा तक
अपने सपने को वास्तविकता में बदलने के लिए मीरा ने पर्यटन की बारीकियाँ सीखने का निर्णय लिया। इसके लिए वह सांकरी और केदारकांठा जैसे प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्थलों तक गई और स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों से मिली।
उसी दौरान उसने महसूस किया कि उसके गाँव के ऊपर स्थित यह बुग्याल किसी भी लोकप्रिय ट्रेक से कम नहीं है।
अंततः पिता के साथ मिलकर उसने इस खूबसूरत जगह का नाम रखा — गुलाबी कांठा।
📜 2016 से शुरू हुई यात्रा, 2025 में मिली ऐतिहासिक पहचान
मीरा और उनके पिता ने मिलकर गुलाबी कांठा को केवल एक स्थानीय घास का मैदान नहीं रहने दिया, बल्कि इसे एक सपनों के ट्रेकिंग डेस्टिनेशन में बदल दिया।
सालों तक उन्होंने रास्तों की पहचान बनाई, यात्रियों का स्वागत किया और इस क्षेत्र को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया।
धीरे-धीरे यहाँ ट्रेकिंग के साथ-साथ स्नो-स्कीइंग, विंटर कैंपिंग और अन्य एडवेंचर गतिविधियाँ भी शुरू हुईं।
उनकी इसी मेहनत का परिणाम था कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने गुलाबी कांठा को 'Trek of the Year 2025' घोषित किया।
🏔 Whitehill Trails की स्थापना
पिछले माह मीरा का दूसरा सपना भी पूरा हुआ जब उन्होंने अपने गाँव में एक माउंटेनियरिंग और ट्रेकिंग कंपनी 'Whitehill Trails' की स्थापना की।
आज यह कंपनी उत्तराखंड के विभिन्न ट्रेकिंग और एडवेंचर डेस्टिनेशनों को जोड़ते हुए स्थानीय पर्यटन को नई पहचान दे रही है।
🎯 Whitehill Trails के उद्देश्य
- स्थानीय युवाओं को रोजगार देना
- सुरक्षित और व्यवस्थित ट्रेकिंग अनुभव प्रदान करना
- गांव की संस्कृति, भोजन और परंपराओं को बढ़ावा देना
- स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित गाइड बनाना
- Safety First सिद्धांत अपनाना
- Leave No Trace नीति के तहत पर्यावरण संरक्षण करना
- छोटे और अर्थपूर्ण ट्रेकिंग अनुभव प्रदान करना
- स्थानीय होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना
- हिमालयी पारिस्थितिकी की सुरक्षा करना
- नैतिक और Low-Impact Tourism को बढ़ावा देना
- बाड़िया, निशाणी और राणा गांवों में आर्थिक विकास लाना
- Whitehill Trails को एक भरोसेमंद ट्रैवल ब्रांड बनाना
🏡 पर्यटन से बढ़ा स्थानीय रोजगार
पहले यह क्षेत्र मुख्य रूप से यमुनोत्री धाम के धार्मिक पर्यटन पर निर्भर था।
लेकिन गुलाबी कांठा के लोकप्रिय होने के बाद यहाँ एडवेंचर प्रेमी, स्नो स्पोर्ट्स के शौकीन और देश-विदेश से ट्रेकर आने लगे।
इसके परिणामस्वरूप:
- नए होमस्टे बनने लगे
- युवाओं को गाइड और पोर्टर के रूप में रोजगार मिला
- स्थानीय आय में वृद्धि हुई
- पारंपरिक घरों को होमस्टे में बदला जाने लगा
🏅 पिता–पुत्री की मेहनत का सम्मान
26 नवंबर 2025 को बड़कोट में मीरा रावत को 'हमारे नायक सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान केवल मीरा का नहीं बल्कि उन सभी युवाओं का है जो अपने गांव और समाज के लिए कुछ नया करना चाहते हैं।
🌟 मीरा की कहानी क्यों है खास?
- मात्र 25 वर्ष की उम्र में बड़ा बदलाव लाया
- अपने गाँव को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया
- युवाओं को रोजगार और पहचान दी
- यह साबित किया कि सपने देखने वाले पहाड़ों से नहीं डरते, बल्कि पहाड़ों पर रास्ते बनाते हैं
🏔 निष्कर्ष
आज गुलाबी कांठा केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रेरणा, बदलाव और युवा सपनों की मिसाल बन चुका है।
मीरा रावत और उनके पिता विजय सिंह रावत ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादा मजबूत हो तो एक छोटी सी पहाड़ी लड़की भी पूरे राज्य के पर्यटन की तस्वीर बदल सकती है।
भविष्य में गुलाबी कांठा भारत के प्रमुख ट्रेकिंग डेस्टिनेशनों में शामिल होने की क्षमता रखता है।
About White Hill Trails
We are dedicated to providing sustainable, safe, and deeply immersive trekking experiences in the Indian Himalayas. Our guides are local experts passionate about showcasing mountain culture, trails, and peaks.